Nilesh Kumar Patel
प्रस्तुत लघुशोध का उद्देश्य निमाड़ अंचल के महाविद्यालयीन
विद्यार्थियों के आध्यात्मिक विश्वास और प्रसन्नता के मध्य अंतर्संबंधों का
विश्लेषण करना है। अध्ययन के लिए खरगोन जिले के एक अशासकीय महाविद्यालय के सत्र 2025-26 के 467 विद्यार्थियों (289 छात्राएं एवं 178 छात्र) का चयन सुविधाजनक न्यादर्श पद्धति से किया गया।
प्रदत्त संकलन हेतु मानक मापनियों का प्रयोग किया गया और सांख्यिकीय विश्लेषण के
लिए स्वतंत्र t-परीक्षण तथा पियर्सन सहसंबंध विधि अपनाई गई। शोध के परिणाम
दर्शाते हैं कि लिंग के आधार पर विद्यार्थियों के आध्यात्मिक विश्वास और प्रसन्नता
के स्तर में सार्थक अंतर विद्यमान है। छात्राओं का आध्यात्मिक विश्वास (M=106.75)
और प्रसन्नता का स्तर (M=104.80),
छात्रों की तुलना में सांख्यिकीय रूप से श्रेष्ठ पाया गया।
सहसंबंध विश्लेषण के अनुसार, कुल न्यादर्श में आध्यात्मिक विश्वास और प्रसन्नता के मध्य
एक धनात्मक एवं उच्च सहसंबंध (r=0.858) प्राप्त हुआ। यह स्पष्ट करता है कि जैसे-जैसे विद्यार्थियों
के आध्यात्मिक विश्वास में वृद्धि होती है,
उनकी प्रसन्नता का स्तर भी बढ़ता है। अध्ययन यह निष्कर्ष
प्रतिपादित करता है कि आध्यात्मिकता युवाओं के लिए एक प्रभावी 'कोपिंग मैकेनिज्म' है, जो मानसिक आरोग्य सुनिश्चित करने में सहायक है। शोध के आधार
पर सुझाव दिया गया है कि शैक्षणिक संस्थानों को पाठ्यक्रम में 'आध्यात्मिक बुद्धिमत्ता'
को स्थान देना चाहिए।
आध्यात्मिक विश्वास, प्रसन्नता
VOL.18, ISSUE No.1, March 2026