Jitendra Kumar Tiwari, Mahesh Kumar Sinh
वर्तमान के वर्षों में, माइंडफुलनेस अर्थात साक्षी भाव छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और उनकी सीखने की क्षमता को बढ़ाने के लिए एक शक्तिशाली शैक्षिक और मनोवैज्ञानिक उपकरण के रूप में उभरा है। प्राचीन चिंतन परंपराओं में निहित, माइंडफुलनेस, साक्षी भाव अब एक धर्मनिरपेक्ष, साक्ष्य-आधारित अभ्यास बन गया है जिसे आधुनिक कक्षाओं और शैक्षिक प्रणालियों में शामिल किया गया है। यह शोध लेख छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार, तनाव कम करने, एकाग्रता बढ़ाने और शैक्षणिक उपलब्धि को बढ़ावा देने में इसकी प्रथाओं की भूमिका का अध्ययन करता है। साहित्यक, सैद्धांतिक दृष्टिकोणों और अनुभवजन्य निष्कर्षों के विश्लेषण की विस्तृत समीक्षा के माध्यम से, यह शोधपत्र इस बात पर प्रकाश डालता है कि माइंडफुलनेस अर्थात साक्षी भाव का हस्तक्षेप छात्रों के संज्ञानात्मक, भावनात्मक और व्यवहारिक क्षेत्रों में कैसे सकारात्मक बदलाव लाता हैं। यह शैक्षिक संदर्भों में माइंडफुलनेस को लागू करने की चुनौतियों पर भी स्पष्ट करता है और
शिक्षकों,
नीति
निर्माताओं
और
शोधकर्ताओं
के
लिए
व्यावहारिक
सुझाव
प्रदान
करता
है।
माइंडफुलनेस अर्थात साक्षीभाव, छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य, सीखना, तनाव में कमी, शैक्षिक नवाचार
VOL.17, ISSUE No.4, December 2025